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एचडीएफसी बैंक ने सोशल सेक्टर के 21 स्टार्ट-अप्स को स्मार्टअप ग्रांट प्रदान कीं
ये स्टार्टअप स्मार्टअप ग्रांट्स के चौथे एडिशन के लिए 9 इन्क्यूबेटर्स द्वारा चुने गए
मुंबई, अप्रैल, 2021। आज एचडीएफसी बैंक ने स्मार्टअप ग्रांट्स 2021 के अपने चौथे एडिशन के विजेताओं की घोषणा की। पूरे देश से इसके लिए 300 आवेदन प्राप्त हुए थे और एक कठोर जाँच प्रक्रिया द्वारा सामाजिक क्षेत्र में काम करने वाले 21 स्टार्टअप्स को इसके लिए चुना गया। इन ग्रांट्स का उद्देश्य स्टार्टअप्स को अद्वितीय समाधान प्रदान कर उनका विकास करना है, ताकि समाज एवं पर्यावरण के अनुकूल परिवर्तन लाया जा सके। ये ग्रांट ‘परिवर्तन’ के अधीन दी गई हैं, जो बैंक के सामाजिक अभियानों के लिए अम्ब्रेला कार्यक्रम है।
बैंक ने स्मार्टअप ग्रांट्स का गठन 2017 में किया और पिछले 4 सालों में यह भारत के विभिन्न शहरों से 87 स्टार्टअप्स को सहयोग दे चुका है। शिक्षा प्रौद्योगिकी एवं कौशल विकास के क्षेत्रों में काम करने वाले स्टार्टअप्स को प्राथमिकता दी गई। विजेताओं का चयन एवं उनकी मेंटरिंग के लिए, बैंक ने नौ इन्क्यूबेटर्स, जैसे आईआईटी दिल्ली, एआईसी-बिमटेक, आईआईएम काशीपुर, आईआईट बीएचयू, बनस्थली यूनिवर्सिटी, सी-कैंप, जीयूसेक, टी-हब एवं विलग्रो के साथ साझेदारी की। पिछले चार सालों में बैंक 19.4 करोड़ रु. की ग्रांट वितरित कर चुका है।
इस साल महामारी के प्रोटोकॉल्स का पालन करते हुए, स्क्रीनिंग ऑनलाईन की गई। स्टार्टअप्स ने अपना मामला वर्चुअल प्लेटफॉर्म पर रखा। स्टार्टअप्स के मूल्यांकन के सबसे महत्वपूर्ण मानदंड उनके द्वारा निम्नलिखित मानकों पर उत्पन्न संभावित प्रभाव थेः
• विचार की सततता
• स्केल अप करने की सामर्थ्य
• इससे समाज और पर्यावरण को क्या लाभ मिलेगा
• प्रोजेक्ट की अद्वितीयता
इससे पूर्व स्मार्ट अप ग्रांट्स जलवायु परिवर्तन, कचरा प्रबंधन, कौशल प्रशिक्षण एवं आजीविका सुधार के क्षेत्रों में अभिनव समाधान प्रदान करने वाले स्टार्टअप्स को उनके अद्वितीय विचारों के लिए दी गईं। इससे पहले ये ग्रांट न केवल मुंबई, पुणे, बैंगलोर एवं दिल्ली में स्थित स्टार्टअप्स को, बल्कि जमशेदपुर, ओडिशा में कालाहांडी, कोच्चि, तिरुवनंतपुरम, हैदराबाद आदि स्थित स्टार्टअप्स को भी दी गईं।
उदाहरण के लिए इससे पहले एक ग्रांट ब्लीटेक को दी गई। यह स्टार्टअप बधिरों एवं ऊँचा सुनने वाले समुदाय के लिए सामाजिक क्षेत्र में जरूरत पर आधारित टेक्नॉलॉजिकल समाधानों पर काम करता है। दूसरा उदाहरण क्रिया लैब्स है, जो ऐसी प्रोसेसिंग टेक्नॉलॉजी विकसित कर रही है, जिससे चावल का भूसा गूदे में बदल जाए और उससे अनेक बायोडिग्रेडेबल उत्पाद, जैसे कप, प्लेट एवं अन्य टेबलवेयर बनाए जा सकें।
स्मिता भगत, कंट्री हेड, गवर्नमेंट एंड इंस्टीट्यूशनल बिज़नेस, ई-कॉमर्स एवं स्टार्टअप्स, एचडीएफसी बैंक ने कहा, ‘‘स्मार्टअप ग्रांट्स भारत में स्टार्टअप परिवेश के साथ हमारे संबंध को मजबूत करने की बैंक की प्रतिबद्धता का हिस्सा हैं। स्मार्टअप प्रोग्राम द्वारा हम नौकरियों, अवसरों एवं समाज व पर्यावरण पर प्रभाव उत्पन्न करने के लिए स्टार्टअप समुदाय की उद्यमशीलता की भावना का विकास कर रहे हैं। हम उन्हें स्मार्ट फाईनेंशल टूल्स, एडवाईज़री सर्विसेस एवं टेक्नॉलॉजी प्रदान करते हैं ताकि वो अपने उद्देश्य को पूरा कर सकें। समाज में सतत परिवर्तन लाने के लिए अभिनव समाधानों पर काम कर रहे स्टार्ट-अप्स हमें मालूम हैं। ये ग्रांट समाज को दृढ़ बनाने के लिए काम कर रहे स्टार्टअप्स के लिए हमारा सहयोग व हमारी सराहना हैं।’’
आशिमा भट्ट, ग्रुप हेड – सीएसआर, इन्फ्रास्ट्रचर एवं फाईनेंस, एचडीएफसी बैंक ने कहा, ‘‘हम समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए काम कर रहे स्टार्टअप्स की अद्भुत लीग का हिस्सा बनकर उत्साहित हैं। हमारा फ्लैगशिप सीएसआर प्रोग्राम, परिवर्तन भी यही करता है। आजीविका सुधार, कौशल निर्माण एवं समाज की चुनौतियों के लिए काम करने वाले अनेक स्टार्टअप्स हैं, जो हमारे आस पास के समाज को अपना योगदान देने के हमारे उद्देश्य के अनुरूप समावेशी परिवर्तन ला रहे हैं।’’
स्मार्ट ग्रांट्स स्टार्ट-अप स्पेस में अभिनवता एवं उद्यमशीलता की भावना का विकास करने के लिए एक परिवेश का निर्माण करने के एचडीएफसी बैंक के प्रयास का हिस्सा हैं। यह एचडीएफसी बैंक के स्मार्टअप समाधान का विस्तार है, जिसके द्वारा बैंक उद्यमियों को टेलरमेड बैंकिंग एवं एडवाईज़री समाधान प्रदान करता है।
इस सफर की शुरुआत स्मार्टअप सॉल्यूशन के साथ हुई, जो स्टार्ट-अप्स के लिए अपनी तरह का प्रथम बैंकिंग समाधान है और स्टार्टअप को एडवाईज़री एवं फॉरेक्स सेवाओं के साथ बैंकिंग एवं पेमेंट समाधान प्रस्तुत कर स्टार्टअप की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है।
इसके अलावा बैंक का स्मार्टअप पोर्टल एक्सेस कर, स्टार्टअप इस परिवेश में अपनी सेवाएं देने के साथ स्टार्टअप्स के संपूर्ण नेटवर्क के ज्ञान व अनुभव का लाभ ले सकते हैं। बैंक के पास भारत के टियर 2 एवं टियर 3 शहरों सहित 30 शहरों की 70 से ज्यादा शाखाओं में समर्पित स्मार्टअप ज़ोन हैं, जो स्टार्टअप केंद्रों के रूप में विकसित हो रहे हैं।


